ये किताब को जॉर्डन पीटरसन ने लिखा है। जॉर्डन पीटरसन एक क्लीनिकल साइकिलोजिस्ट है। ये 2018 के बेस्ट सेलिंग बुक में से एक है। ये बुक मैंने खुद पढ़ी है। मैं 100% बता सकता हूं। की मीनिंग फ़ूल लाइफ देने में मदद करेगी। आपको सफलता के दुनिया में ले जायेगी। नॉर्मली इस बुक को पढ़ने में 10 से 15 दिन चाहिए होते है। हमने कोशिश की है। इस बुक को ऐसी समरी देने के लिए जिसे हम सब को बुक लॉनिंग को समझ पाएं। अपनी जीवन में इंप्लीमेंट कर पाएं।
नियम (1) इस नियम के अनुसार हमे अपनी जिंदगी का रेस्पोंडली आना चाहिए। हमें अपने इच्छाओं को इस तरह से पेश करना हैै। की वो हमारा अधिकार है। जो भी हमारेे मन में है। उसे ऐसे ही सोचना हैै। पीटरसन ने जीवन का एग्जाम्पल देेते हुए समझाया है। हर इंसान में दो तरह का केमिकल प्रोरड्यूश करते है। (1) हाई सेरोटोनिन (2) लो ओक्तोपोमीन जो हाई सेरोटमिन ज
इस्तेमाल करते है। वो हमेशा जीत के हकदार होते है। लफसर की तरह हमेशा अपने ज्यादा से ज्यादा बहने को प्रोत्साहित करना है। जो लोग ईमानदार है। और आत्म विश्वास की मुद्रा में रहते है। वो वही सोसायटी को डोमिनेट यानि कि हाबी होते है। यही कारण है। की हमारे रोज मर्रा का रुटीन रोल प्ले करता है। हमारे सोने जागने और खाने की आदत स्ट्रेस होनी चाहिए। पीटरसन के अनुसार हमारे रोज़ जागने की आदत फिक्स होनी चाहिए। और नियमित और कंसिस्टेंट होनी चाहिए। सुबह उठते ही फास्ट फूड लेने की सलाह दी है। यदि हम दुनिया को और अपने आपको हारा हुआ महसूस करेंगे। तो दुनिया भी हमारे उपर हारा हुआ रिएक्ट करेगी।
नियम (2) इस रूल के हिसाब से अपनी खुद की केयर करनेे के लिए अपनी खुद इज्जत करना सीखना चाहिए। यदि हम सच ही सोचें और सच बोले तो ये हम अपना इज्जत कर सकते है। अपने ख़द केे साथ वयव्हार करना चाहिए। जैसा की हम उन लोगों के साथ करेगें। हम बहुत प्यार करेंगे। हमारेे फीचर के बारे में सोचना हैै। और हमें ये सोचना हैै। अगर मै अपनी खुद की अच्छे से केयर कर ली तो मेरी जीवन कैसी होगी। अपनी खुद की केयर से अपनी खुद की बनाई नर्क में जाने से बच सकते है।
नियम (3) पीटरसन के अनुसार हमे दोस्तो मेें उन लोगों को चुनना है। जो हमारी जिंंदगी में बेहतर चीजों को चाहतेे है। ना ही खराब चीजों को अगर हमारा ऐसा दोस्त है। जिसकी दोस्ती करना नही चाहतेे। जैसेे कि हमारा बेटा या हमारी बेटी , बहेन भाई तब फिर हमने ही ऐसे इंसान से दोस्ती क्योंं कर रखी है। अच्छे लोगों को दोस्त के रुप में चुनना अच्छी चीज़ हैै। ना ही की सेल्फी चीज़ हमारे जीवन में इंप्रूव देखने में जीन लोगों केे जीवन में इंप्रूव हो जाए ऐसे लोगों के साथ रहना अच्छी बात है। आप ही डिसिज़न ले और आपको उन लोगों से बचाए जो बहुत ज्यादा करोना दया दिखाते हो। एक अच्छे इंसान के साथ दोस्ती बनाए रखना बहुत शक्ती का काम है।
नियम (4) ये रूल कहता है। अपने आपको दूसरे से कम से कम कम्पेयर करेे ना की किसी और केे आत सेे
हम हर चीज़ में जीतना चाहते है। लेकिन हर चीज़ में जीतने का मतलब है। की जिंदगी में कुछ नया काम और मुश्किल नही कर रहे है। हम जिंदगी में जीत रहे होगें। हम जिंदगी में आगे नही बढ़ रहे होते जिंदगी में आगे बढ़ना ही असली जीत है। फ्यूचर और पास्ट में सबसे बड़ा और अलग है। की पस्तेस होता है। और फ्यूचर को बेहतर बनाया जा सकता है। अगर जिंदगी में किसी एक चीज़ पर फोकस होकर सोचना शुरू कर दे। तो उस चीज़ के रिलेटेड उतर देना शुरू कर देती है। एग्जाम्पल अगर हम फोकस होकर ये सोचना शुरू कर दे की हमें अपने जीवन को बेहतर बनाना है। तो दिमाग उससे जुड़ी सारी इफॉर्मेशन देना शुरू कर देता है। पीटरसन कहते है। अपने आस पास देखें। उन चीजों को नोटिस करो जो आप को परेशान कर रही है। अपने आप से तीन सवाल पूछो (1) मुझे क्या परेशान कर रहा है। (2) क्या मै उसे ठीक कर सकता हूं। (3) क्या सच में मै इसे ठीक करना चाहता हूं। अगर सबका उत्तर ठीक है। तो उसे ठीक करें। अगर एक का भी उत्तर नो है। तो उसे छोड़ दे और आगे ध्यान दे अपनी जीवन को बेहतर बनाने के लिए वो चीजें करें। जो आप कर सकते हो।
नियम(5) पीटरसन अपने बच्चों को वो चीजें ना करने दे। जिसे जो खुद उन को ना पसन्द करने लगेेंगे इस चीज़ को सीखने पर बहुत ज्यादा ध्यान देना है। पीटरसन पैरेंट्स केे तीन जनरल की बताए है। (1) नियमों को सीमित करेे बच्चो के लिए बहुत से रूल ना बनाएं। (2) कम से कम ताक़त यूज करें। उन रूल को अपने बच्चों पर थोपने के लिए। (3) सोसायटी बच्चो को पसन्द करे ऐसे बनाना पैरेंट्स का पहली कर्तव्य हुुुआ।
नियम (6) पीटरसन मानते है। की क्रिटिसाइज करने से पहलेेअपने घर को परफ़ेक्ट बनाना बहुत जरूरी है। हमेें वो चीजें बन करनी होगी जो हमें लगता है। की ग़लत हैै अपने घर पर शांति लाए बीना शहर पर राज नही किया
जा सकता।
नियम(7) अपनी जीवन को मीनिंगफुल बनाए। जीवन ऐसी होनी चाहिए । जिसका कोई मतलब हो। पीटरसन कहते है। सक्सेसफुल और अंसक्सेफुल लोगों के बीच में यही अन्तर होता है। की सक्सेेजफल अपनी जीवन में बहुत सारे सक्रीफाई करते है। हमें अपने ज्ञान पर कभी अभिमानी नही होता है। अपने जीवन में क्या चाहिए इसेे बहुत महतत्वपूर्ण है। जीवन का मतलब होना।
नियम(8) ये कहता है। की वैसी जिंदगी ही हैैै। जैसा कि हम चाहते है। तो हमें सच बोलने की कोशिश करनी चाहिए। जब भी हम कमज़ोर, रिजेक्टेड, डेस्परेट, कंफ्यूज महसूस करते है। तो हमें सच बोलना चाहिए। हम अपनी जीवन में कुछ लक्छ्य बनाते है। और लक्छ्या की तरह बढ़ने का एक तरीका होता है। इसे मेटा गोल कहते है। मेटा गोल हमारी जीवन में हो सकता है। सच को जीना या सच बोलना और कम से कम ना बोलना।
नियम(9) पीटरसन कहते है। की हमें ऐसा सोचना चाहिए। की जिस इंसान से हम बात कर रहे है। उस इंसान को कुछ ऐसा बताए जो हमें नही पता हैै। अगर
हम बीना जज किए हुए लोगों को सुनते है। तो वो सब बताएंगे जो सोच रहे होते है। अगर हम ध्यान से लोगों को सुने तो कोई भी सेसन बुरा नही हो सकता।
नियम (10) पीटरसन का मानना हैै। की अगर दीवारें गीर जाते है। और इटो को सही तरीके से नही लगाया गया हो। तो हमें अपने बातो को ठीक तरीके से कजन करना आना चाहिए।
नियम(11) इस रूल के ज़रिए पीटरसन हमेें ये समझाना चाहते है। की बच्चो को इस्केट केेेे बोर्डिंग खेलते हुए परेशान ना करें। मतलब ये है कि पैरेंट्स बच्चे को ख़तरनाक चीज़ करने से रोकतेे है। लेकिन कभी कभी उस ख़तरनाक चीजों को करतेेेे हुए बच्चे जीत पाते हैै।
हमेशा बच्चे कॉप्टिशन के माहौल में ही सही सीखते है। पीटरसन कहते है। की खेलते हुए बच्चे को अकेला छोड़ दे।
नियम(12) पीटरसन कहते है। की अगर आप वाक पर जाए। अगर आपका सर घूमा हुआ है। तो अगर आपको सड़क पर एक बिल्ली दिख जाए तो उसे प्यार से सहलाए और उसके साथ खेले अगर आप परेशान है। तो ये सोचे की उसके बारे मेंं किसी निर्धारित समय सोचेंगे।
मेरा ये मानना है। की अगर कोई 12 रूल ये अपनी ज़िंदगी में अगर उतार लेता है। तो उसे बहुत खुश और सर्थिक बना सकता है। आपको लोगों इस किताब पढ़ने का सलाह देता हूं।
