आज हम बात करेंगे बुक मैरोकल मॉर्निंग के बारे में। ये बुक हल एलॉर्ड ने लिखा है। जो पर्सनल कोचिंग और पब्लिक स्पीकिंग में इन्वॉल्व थे। उन्होंने बताया कि कैसे आप छः मिनट में आप परिणाम पा सकते है। कैसे अपने सुबह को और गोल को अचीव कर के बदल सकते है। ये बुक नंबर वन सेलिंग बुक भी रह चुकी है। ये बुक इंस्ट्रानल बुक है। जिसमे बताया गया है। की कैसे मॉर्निंग रुटीन को सेट किया जाए। ताकि आप जिंदगी के हर कदम पर सक्सेस को पा सके। अब इस किताब को दुनिया भर में अपने जिंदगी बदलने के लिए लोग फ़ॉलो करते है। आप भी इसके मदद से सक्सेस का सफर शुरू कर सकते है। हमारी लिखी गई बुक उन लोगो की मदद कर सकती है। जो अपने जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए बदलना चाहते है। एक अच्छे मॉर्निंग रुटीन से एक अच्छा लाईफ पा सकते है। जो सिर्फ सपना ही देखा होगा।
इस बुक को अथोर ने 8 अलग अलग चैप्टर में बाटा है। ऐसे 3 कारण है। जिनकी वजह से आपको इस बुक को अपनी जिंदगी बदलने के लिए फ़ॉलो करना चाहिए। आप इस के लायक है। सक्सेस और ख़ुशी ऐसी चीजें है। ये आप के पास हो सकती है। सब इनका हकदार है। खुद को कम में सेटल होना बन करना है। चाहे पर्सनली हो या फ्रोफेसनली या फाइनेंशियली आपको अपने गोल को सेट करके इनके लिए जरूरी टाइम देना चाहिए। काम में मान जाना सही नही है। आपके सुबह के रुटीन का आपके लाइफ पर गहरा असर पड़ता है। फोकस प्रोडेक्टिव सक्सेसफुल मॉर्निंग फोकस प्रोडैक्टिव सक्सेस दिन बनाती है।
जिससे सक्सेसफुल लाइफ बनती है। इसी तरह उन्फोकस अनप्रोडक्टिव करकस वरब आप के लाइफ को खराब करती है। ये देखकर हैरान हो जाएंगे। की आपके पास कितना मोटिव एनर्जी और टाइम होगा। साथ ही ज्यादा प्रोडक्टविटी होगी। और इंट्रेस्ट काम होगा। सेहत भी बेहतर होगी। एथोर को लगा कि 20 साल की उम्र में ही वो कार ऐक्सिडेंट में मर गए थे। उनको बोला गया कि वो कभी भी भाग नही पाएंगे। और ना वो चल पाएंगे। ये पहली बार था। जब वो उनको लगा कि कुछ हर गए है। हालांकि वो पुरी तरह ठीक हो गए थे। बल्कि 52 अल्ट्रा में भी वो दौड़े। आथर एक बार फिर से अटक गए। वो दुनिया भर की आर्थिक मंदी से कंगाल हो गए। इससे वे एक बार फिर उदास और चिंतित हो गए। एक बार आथर ने एक रेडियो से कुछ सुना। और उनके दिमाग़ मे घर कर गया। इस बुक का असली मोटिवेट बना। आपके सक्सेस की ऊचाई शायद ही। कभी आपके पर्सनल डेवलपमेंट के पर जाती है। क्योंकि सक्सेस कुछ ऐसी है। की वो आप पर निर्भर करती है।
की कैसे बनते है। सुबह का वक्त ऐसा वक्त होता है। जब सबसे कम भटकते है। ऐसा वक्त जब आप मोटिवेट होते है। तब बहुत कम आप भूलते है। ऐसा 6चीजें है। जिन्हें सुबह के वक्त करके आप जिंदगी ही बदल सकते है। शांत समय बिताए। किताबे पढ़े फॉमेशन करे अपने गोल को विसुलाइज करें। अपने विचारों का ध्यान करें। इन्हीं सबसे आपके मिरैक्ल मॉर्निंग बनेगी। 95% लोग हर मान लेते है। या काम मै मान जाते है। वो अपना समय ज्यादा के बारे में सोच कर काम मै मान जाने में खराब कर देते है। और एक ही चीज़ में घूमते रहने से बेहतर है। की कोई इन तीन चीजों पर बारी बारी से गौर करें।
ये मान लेने का समय आ गया है। की अगर आप ने कुछ नहीं किया तो कुछ नही बदलेगा। और शायद आपको अपनी ताक़त कभी समझ में नही आएगी। अगर आप एक आम जिंदगी नही जीना चाहते है। तब आप उस 95% का हिस्सा ना बने जो मान जाते है।
ऐसे सात कारण हो सकते है। जिन्हें अपनी वजह से आप एक आम जिंदगी जी रहे है। आप अभी भी पास्ट में जी रहे है। आप के पास और कोई परपज नही है। आप अपने फैसलों को रोक रहे है। कोई जिम्मेदारी नही है। आप ऐसे लोगों से घिरे हुए है। जो आम जिंदगी जीने के लिए इन्फ्लुएंस करते है। आप पर्सनल डेवलपमेंट पर काम नही कर रहे है। अपनी अर्जेसी की कमी है। आप को अपना पहला कदम उठाना होगा। एक फैसला कीजिए। और अपने डिसिज़न पर ट्रिक करें। आज का ही दिन है। इस करने का मिरोकल मॉर्निंग का मतलब है।
अपने सुबह उठने के एक्सपीरियंस को फिर से बनाना एक्स्टेंट महसूस करना हम सब ने ये लाइन सुनी होगी। स्नूज़ का बटन दबाना और उठने में देरी करना और आखरी मिनट में बिस्तर से ना निकलने को मतलब है। ज़िंदगी को जीने मै देरी कर रहे है। जबकि बिस्तर से कूद पड़ने और दिन को गले लगाने के लिए तैयार रहने से आप उस देरी से बचते है। आथर का मानना है। की ऐसा जरूरी नहीं है। की आप को 8 घंटे की नींद लेने की जरूरत है। खुद पर किए गए बहुत से एक्सपेरिमेंट के बाद उन्होंने समझा की एनर्जी के साथ उठने का फैक्टर है। की आपको खुद के सोने से पहले की आप पूरी नींद लेने वाले है। और आप एनर्जी के साथ उठेंगे।
4 घंटे या 9 घंटे की नींद इसे फर्क नही पड़ता है। अगर मान ले कि आप एक अच्छी नींद लेंगे तो सुबह आप बेहतरीन महसूस करेगें। मिरैक्ले मॉर्निंग इमर जायज महसूस करने के बारे में है। हर दिन जिंदगी भर के लिए ये बिस्तर से ये परपज के साथ निकालने के बारे में है। इस लिए नही की आपको ऐसा करना ही है। बल्कि इस लिए कि आप से ऐसा करना चाहते है। और साथ ही खुद को ऐसा इंसान के साथ बदल देना। आपको ऐसा आर्डिनरी फुल फीलिंग अबादमेंट जीवन देने के लिए जरूरी है। जो आप ने कभी सपने में भी ना देखी हो। 5 स्टेप आपको स्नूज़ दबाने में और अपने सुबह खराब करने से रोकेंगे।
ये बहुत जरूरी है कि आप एक पॉज़िटिव माइंड के साथ सोए। और अगले दिन के बारे में सोचे सुबह उठकर जो आप पहली चीज सोचते है। ज्यादातर वही होता है। जो आप रात के सोच कर सोए है। इसका ख्याल रखें। और आने वाले दिन के बारे में सोचें।
एक और चीज़ है कि अपने अलार्म आपके बिस्तर के पास ही रखना नही तो वो मदद नही करेगा। आपको अलार्म थोड़ा दूर पर रखना चाहिए। ताकि आपको फिजिकली उठकर उसे बंद करना पड़े। इस आपको नेचुरली उठने में मदद मिलेगी। फेस साफ किए हुए दातो से बेहतर और कुछ नही होगा। ये आपके कोने से और उठने से आप एक और कदम बढ़ाते है। लोगो को सुबहकी अनचाही बदबू किसी को पसंद नही है। रात के नींद के बाद हम सुबह उठकर प्यासा महसूस करते है। और पानी कि कमी थकान का सबसे जरूरी कारण है। अक्सर दिन भर में जब भी स्लीपिय थकान महसूस करते है। वो पानी की कमी की वजह से होता है। इसलिए सुबह उठते ही पूरा एक गिलास पानी पिए।
5 स्टेप के दो अपसन है। अपने एक्सरसाइज के कपड़ों को पहन ले ताकि आप तैयार होकर एक्टिव फिल करे या नहा ले इससे आपको फ्रेश और क्लीन शुरुआत मिलेगी। लाइफ सेवर 6 प्रैक्टिसेस है। जो आपको फूल प्रक्सिमल तक ले जायेगी। ये पर्सनल डेवलपमेंट प्रैक्टिसेस है। जिनका मकसद है। आपकी उन ताकतों को ढूंढना जिनसे आपके जिंदगी बदलने मै मदद मिलेगी। हम रोज भागम भाग और सोर्स से भरी जिंदगी जीते है। शांत बैठना लाइफ चेंजिंग हो सकता है। ये आपके स्ट्रेस को कम करके सेल्फ अवेरनेस को बढ़ाता है। ये शांति में बिताया हुआ वक्त को उस प्रापर्टी को सेट करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। एक्टिवली साइलेंट रहने के कुछ तरीके है। मेरिटेशन करना प्रायर करना और गहरी सांस लेना।
शुरुआत में ये अजीब लग सकता है। पर आपको पॉज़िटिव और अफ्रमटिव पॉवर को जानना होगा। आपके दिमाग को ऐसी बनाती है। जो आपके लाइफ बदलने में मदद कर सके। अपने आप से बात करना और नेगेटिव साइड का जवाब देना। बहुत आसान है। इसलिए इन्फोर्मेशन करना सीखें। आप बताए गए तरीकों से इन्फोर्मेशन कर सकते है। आप क्या पाना चाहते है। आप ये क्यों पाना चाहते है। इस पाने के लिए आपको क्या बनना होगा। इस पाने के लिए आपको क्या करना होगा।और कौन सा कोर्स आपको प्रोक्टपरस और इंस्पायर करते है।
आप विसुलाइजेशन को एक रूल की तरह इस्तेमाल कर सकते है। जिसे आपके लाइफ स्टाइल और बेहवियर और फीचर को इमेजिनेशन कर सकते है। जैसे आप पाना चाहते है। एक बार आप विसुलाइज कर लिया तो उसे एक्शन में लाना बहुत आसान होगा। ये तरीका अक्सर टॉप के एथलीट्स यूज करते है। अपने परफॉमेंस को बढ़ाने के लिए ये मेंटल रिहल्सल की तरह है। जिसे आप प्रैक्टिस करते है। की आपको कैसे एक्शन मै लाना है। आपके पास आपके विसूलाइजेशन को फीका कर सकता है। इसलिए जो हुआ उसे आपको जाने देना होगा। क्रिएटिव विसुलाइजेशन से आप अपना विजन डिजाइन कर सकते है। आपके दिमाग को ऐसे भर देगा। ताकि आपका दिमाग सिर्फ फीचर पर ध्यान दे।
आपको रोज एक्सरसाइज भी करनी चाहिए। अपनी शरीर को चलाने से आपका ब्लड फ्लो बढ़ता है। मेंटल क्लेरिटी मिलती है। साथ मे एनर्जी लेवल और प्रोडेक्टविटी भी बढ़ती है। एनर्जी आपको दिन भर के लिए मेंटेन वकरने में मदद करती है। पर्सनल डेवलपमेंट का एक ही फेक्टर है। आपको सीखना और आपके नालेज को बढ़ाना। और इसका सबसे बेहतरीन तरीक़ा है। पढ़ना किसी भी टापिक के बारे में पढ़ सकते है। और अपनी नालेज और स्किल को बढ़ा सकते है। इसमें खोने के लिए कुछ नही है। हर दिन कम से काम दस पेज पढ़ने की कोशिश करें। अपने लिए एक गोल बनाए और उस पर टिके रहे।
स्क्रीबिंग और रीडिंग फ़ाइनल परसन डेवलपमेंट प्रक्टिसास है। चाहे 5 या 10 मिनट के लिए ही सही ये एक अच्छा तरीका है। खुद से अपने दिमाग से निकालकर पेपर में लाने का इससे इस्ट्रेस कम होता है। और दिमाग साफ होता है।आपको नए आइडिया ढूंढने में मदद मिलती है।
हो सकता है कि आप अपने सुबह को एक घंटा ना दे पाए। पर हर कोई 6 मिनट तो निकाल ही सकते है। चाहे वो कितना भी बिज़ी हो 6 मिनट सबसे कम वक्त है। मिरेकल। मॉर्निंग की शुरुआत जिंदगी को बदलने के लिए बताए गए तरीकों से अपने 6 मिनट को बिताए अपना पहला मिनट पुरी शांति में बिताए जल्द बाज़ी ना करें। और ना स्ट्रेस ले। और आप शांत होकर एक जगह बैठे अपने दिमाग को धीमा करने और रिलैक्स करने और स्ट्रेस को निकालने की कोशिश करें। अपना दूसरा मिनट आपके रोज किए गए इंफॉर्मेशन पर लगाए। इन्हें जोर से पढ़े। 3 मिनट आपको विजुअलाइजेशन में बिताना चाहिए। खुद को अपने गोल तक पहुंचने में विसुआलाइज करें। आप एक विजन बोर्ड भी बना सकते है। 4 मिनट में लिखे इन्हीं चीज़ के लिए आप आभारी है।
जिन पर आपको गर्व है। उन्हें लिखिए लिखे की आप दिन भर में क्या करना चाहते है। 5 मिनट किसी सेल्फ डेवलपमेंट के बुक को पढ़ने में लगाएं। अगर आप एक छोटी सी भी आइडिया के बारे में पढे तो भी आप दिन भर के लिए कुछ पा सकते है। पैनल एक्सेस है। एक्सरसाइज का या चलना जंप करें। या पुस्प करें या स्टेप करें। और दौड़े कुछ व ऐसा करे की आपका अपना दिल भागने लगे। जब आप मिरेकल मॉर्निंग को पूरा ना पूरा कर ले तब तक आप कुछ ने खाए। और उसके बाद आप फास्ट फूड और वेजीटेबल को खाए। खाना आपके दिमाग़ और शरीर का फ्यूल है। आपको रोज ही एक ही चीज़ की करने की जरूरत नही है। आप अलग अलग वर्क आउट को करें। विज़न बोर्ड पर नए फोटो लगाए। और नए मेरीटेशन के प्रेक्टिस कि आजमाए खुद के लिए इसे मजेदार बनाए।
ये सभी प्रैक्टिसेस वर्कींग वीग के लिए नही है। जितना ज्यादा व आप मिरेकल मॉर्निंग को आजमाएंगे। उतना ही आप बेहतर महसूस करेंगे। तो क्यों ना इसे विकेन पर भी फ़ॉलो करें। ऐसा कहा जाता है। की आपकी जिंदगी आपके आदतों जैसी बनती है। अगर कोई आदमी सफल लाइफ जी रहा है। तो उस आदमी की आदतें ऐसी होगी जो उसको सफल बना रही है। आप अपनी कोई आदत 3 दिन में बदल सकते है। अगर आप सच में इसे आजमाना चाहते है। और अपनी जिंदगी बदलना चाहते है। आपको उस 30 दिन तक करना होगा।
शुरू के 10 दिन बहुत मुश्किल होने वाले है। जब 2 दिन या 3 दिन शुरू करेंगे तो आपको महसूस होगा कि यही मजेदार होगा। और नही कोई आसान होने वाला है। आपको उस करने में मुश्किल होगी। हालांकि ये टपरोरी है। 10 दिन का संघर्ष कोई बड़ी बात नही है। और इसे कोई भी कर सकता है। और आप जल्द ही उससे निकल जायेंगे। जब आप 10 दिन तक पहुंच जाएंगे। तो आपका मुश्किल हिस्सा खत्म आप अपने नए रुटीन के आदि हो रहे है। हालांकि पुरी तरह नही आप जानते है। की आपको किसकी उम्मीद है। तो आपको ये आसान लगेगा। इस समय को अब रूल नियम और कंप्लीट कि जरूरत है।
आखरी के कुछ दिन आसानी सा है। जहा अपने आदत को रोज के रुटीन का हिस्सा बना लेते है। और भविष्य में भी इसे बनाए रखते है। इस वक्त को आप पीछे मुड़ कर देखेगे तो आपको अपने सक्सेस पर गर्व होगा।
तो दोस्तो ये झुट को आप ना माने की एक अच्छी नीद के लिए कम से कम आपको 8 घंटों की जरूरत है। आप कम नींद लेकर भी सटीक और प्रोडक्टिव हो सकते है। अपने अलार्म के स्नूज़ करना बंद कर दें। उसको करने का एक सीधा सा तरीका है। की अपने अलार्म को अपने बिस्तर से दूर रखें। 6 की प्रैक्टिस है। साइलेंट , अफामेशन, विजुअलाइजेशन, रीडिंग,और स्क्रबिंग अगर आपके पास सुबह ज्यादा वक्त ना हो तो आप 6 मिनट के प्रेक्टिस को आप अपना सकते है। अपने सुबह के मिरेकल मॉर्निंग बनने के लिए आपको सिर्फ 6 मिनट का समय लगेगा। अगर आप हर प्रैक्टिसेस को एक मिनट देगे। तो आप अपने जिंदगी बनाने के सफर पर चल पड़ेंगे।
