The Alchemist nobel r*eview in hindi Athor*Paulo Coelho


दि अलकेमिस्ट नोबेल पहली बार पब्लिश हुआ था,1988 में और इसके आथर है, (पाउलो कोहिलो) ये एक एडवेचर प्लस फैंटेसी नोबेल है। और इसमें 180 पेजेस है, अब बात करते है, इस नोबेल के बारे में। 
दि अलकेमिस्ट कहानी है, अंडलूजा में रहने वाले एक सैफेड की जिनका नाम होता है सेंटियागो, सेंटियागो अपने देश स्पेन से दूरी तय करता है, इजिप्ट के पिरमिड की तरफ एक ख़ज़ाने की खोज में , अपने इसी सफ़र में वो अलग अलग लोगों से मिलता है। जिनमें से एक होता है, अलकेमिस्ट  इस नोबेल में सैंटियागो की पूरी यात्रा को कवर किया हुआ है। डिटेल में जानने के लिए आपको इस नोबेल को पढ़ना होगा। 

ये कहानी बात करती है, हर तरह की रिस्क लेने की, जब बात हो  अपने ड्रीम को पूरा करने की ये काफी मोटिवेटिंग नोबेल है। जो हमें सिखाती है, की जब बात हो अपने टारगेट की तो कभी गिभप नहीं करनी चाहिए। इस नोबेल के थ्रू आथर का कहेना है, की जब हम किसी चीज़ को हासिल करना चाहें और हरेक पोसीबल एफर्ट दे। तो पूरा यूनिवर्स हमें मदद करता है। गोल को अचीव करने में , ये एक ऐसी नोबेल है, जो आपको अपनी एक बार जीवन में पढ़नी चाहिए।