रविन्द्र नाथ टैगोर की 10सफल बातें।


  (1)   यदि आप इस लिए रोते हैं, की कोई सूरज आपके जीवन से बाहर चला गया हैं,तो आपके आंसू आपको सितारों को देखने से भी रोकेंगे।

(2)   आस्था वो पंछी है, जो भोर के अंधेरे में भी उजाले को महसूस करता है।

(3)   कर्म करते हुए हमेशा आगे बढ़ते रहिए, और फल के लिए व्यर्थ चिंता नहीं करिए, और किया हुआ परिश्रम कभी व्यर्थ नहीं जाता है।

(4)   ईश्वर बड़े बड़े साम्राज्यो से रुब जाता है, लेकिन छोटे छोटे पुष्पों से कभी रूष्ट नहीं होता।

(5)   जब मैं खुद पर हसता हूं, तो मेरे ऊपर से मेरा बोझ कम हो जाता है।

(6)   यदि आप सभी गलतियों के लिए दरवाजे बंद कर देंगे तो सच बाहर रह जायेगे।

(7)   प्रेम ही एक मात्र वास्तविकता है, ये महज एक भावना नहीं है, अपितु यह एक परम सत्य है, जो सृजन के समय से हदय में  वास करता है।

(8)   हर एक कठिनाई जिससे आप मूंह मोड़ लेते है, एक भूत बनकर आपकी नींद में बाधा डालेगी।

(9)   उच्चतर शिक्षा वो है, जो हमें सिर्फ जानकारी ही नहीं देती, किंतु हमारे जीवन को समस्त मौजूदगी के साथ सभदाव में लाती है।

(10)   सिर्फ तर्क करने वाला दिमाग एक ऐसा चाकू की तरह हैं, जिससे सिर्फ ब्लेड है, यह इसका प्रयोग  करने वाले के हाथ खून निकाल देता है।


जो कुछ हमारा है, वो हम तक आता है, यदि हम उसे ग्रहण करने की छमता रखते है। (रविन्द्र नाथ टैगोर)