हदीस की 10सफल बातें।


(1)   किसी को दुःख देने वाला कभी खुश नहीं रह सकता ( हज़रत अली ने कहा)

(2)   किसी की बेबसी पर मत हंसो ये वक्त तुम पर भी आ सकता है। (हज़रत उमर ने कहा)

(3)   किसी की आंख तुम्हारी वजह से नम न हो, क्योंकि तुम्हे उसके हर आंसू का कर्ज चुकाना होगा। (हज़रत उस्मान गनी ने कहा) 

(4)   मजलूम और नमाज़ी की आह से डरो क्योंकि आह किसी की भी हो अर्श को चीर जीआर अल्लाह के पास जाती है। (हज़रत अली ने कहा)

(5)   उस दिन पे आंसू बहाव, जिसे तुमने बिना नेकी के गुजार  हैं। (हज़रत अबू बकर ने कहा)

(6)   जालिमों को माफ करना मजलूमों पे जुल्म है।(हज़रत उमर ने कहा) 

(7)   जबान दुरुस्त हो जाए तो दिल भी दुरुस्त हो जाता है। (हज़रत उमर ने कहा)

(8)   किसी को उसकी जात, नस्ल, रंग, मकान,और लिबास की वजह से हकीर और कम तर मत समझना क्योंकि तुम्हें देने वाला और उसे भी देने वाला एक अल्लाह रब उल इज़त ही है।(प्यारे नबी ने कहा)

(9)   जब एक मोमिन दूसरे मोमिन से मिलता है, तो उसे सलाम करता है, उससे मुसाफा करता है, तो उन दोनों के गुनाह ऐसे झड़ जाते है। जैसे पेड़ से पत्ते गिर जाते है। (प्यारे नबी ने कहा)
 जब कोई आदमी अपने किसी मोमिन भाई के पीठ पीछे उसके लिए दुआ करता हैं, तो फरिश्ते उसकी दुआ पर अमीन कहते है, और उसके लिए भी वैसी ही दुआ करते है।

(10)   तुम में सबसे अच्छा वह है, जो अपनी कौम के लोगों के अत्याचार का विरोध करें और स्वयं वह पाप ना करे।