महात्मा गांधी की 10 सफल बाते।


(1)   सबसे पहले लोग आपको नजर अंदाज करेगें, फिर लोग आप पर हसेंगे फिर आप से लड़ेगे, और फिर आप वो लड़ाई जीत जाओगे।

(2)   मैं गांधी हूं लेकिन सता का मुख नही देश का वफादार हूं, पर स्वतंत्रता मुझे मंजूर नही चाहें जो कहना है, कह दो मैने कहकर नही करके  दिखाया हूं, आज जो स्वतंत्र भूमि मिली है। तुम्हे कईयों ने उसे जान देकर छुड़ाया है,आसान है गलती निकालना तकलीफों के लिए दोष दे जाना मैने अंग्रेजो को बाहर फेंका था। तुम कूड़ा तो फेक कर दिखाओ हमने स्वतंत्र भारत दिया था। तुम स्वच्छ भारत तो दे जाओ भले मत कहो इसे गांधी जयंती इसे स्वच्छ भारत का आवए बढ़ाओ।

(3)   मेरा मन मेरा मंदिर है,मैं किसी को भी अपने गंदे पाव के साथ मेरे मन से ही नही गुजरने दूंगा। 

(4)   कमजोर किसी को माफ नही कर सकते, माफ करना मजबूत लोगों की निशानी है। 

(5)   प्रसन्नत ही एकमात्र ऐसा इत्र है, जिसे आप दूसरों पर छिड़कते है, तो कुछ बूंदे आप पर भी पड़ती है। 

(6)   कोई कायर प्यार नही कर सकता है, यह तो बहादुर की निशानी है। 

(7)   व्यक्ति अपने विचारों से निर्मित प्राणी है, वह जो सोचता है, वही बन जाता है। 

(8)   ऐसे जियो जैसे की तुम कल मरने वाले हो, ऐसे सीखो की तुम हमेशा के लिए जीने वाले हो। 

(9)   व्यक्ति की पहचान उसके कपड़ों से नहीं बल्कि उसके चरित्र से की जाती है। 

(10)   मैं यह नहीं मानता की धर्म का राजनीति से कोई वास्ता नहीं है धर्म रहित राजनीति शव के समान है, जिसे दफना देना चाहिए।